भारत में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज के निजीकरण की शुरुआत कांग्रेस ने की थी
आज राहुल गांधी ने इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज के निजी होने पर सवाल उठा रहा है और मोदी सरकार को कोस रहा है। सोचिए यह कितना बड़ा दोगलापन है। भारत में मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज के निजीकरण की शुरुआत कांग्रेस ने की थी राजनीतिक बयानबाज़ी के मंच से जब राहुल गांधी निजी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के नाम पर मोदी सरकार को घेरने निकलते हैं, तो यह सीधा-सीधा दोहरे रवैये का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने आता है। जिस निजीकरण और डोनेशन कल्चर को आज वह देश के लिए अभिशाप बता रहे हैं, उसकी असली नींव किसी और ने नहीं बल्कि खुद कांग्रेस पार्टी ने ही अपने शासनकाल में रखी थी। इतिहास के पन्ने इस बात के पक्के गवाह हैं कि भारत में व्यावसायिक शिक्षा का बाज़ारीकरण कांग्रेस के दौर में ही फला-फूला। उडुपी में मणिपाल से लेकर कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र तक निजी कॉलेजों की जो फसल उगाई गई, उसके पीछे कांग्रेस नेताओं का ही सीधा संरक्षण और दबदबा था। 1980 के दशक में भारत में निजी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों (Capitation fee colleges) की शुरुआत सबसे पहले कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से हुई। उस समय...