विभाजन विभीषिका दिवस 14 अगस्त 1947
भारतीय विभाजन आधुनिक विश्व इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक है। इसकी शुरुआत ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की 'फूट डालो और राज करो' की नीति, मुस्लिम लीग की द्वि-राष्ट्र सिद्धांत की मांग और तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के कारण हुई थी। मार्च 1947 में लॉर्ड माउंटबेटन को भारत का आखिरी वायसराय बनाकर भेजा गया, जिनका मुख्य कार्य ब्रिटिश शासन की विदाई को सुचारू बनाना था। शुरुआती योजना के अनुसार भारत को जून 1948 में आजाद किया जाना था, लेकिन देश में बढ़ते भीषण सांप्रदायिक दंगों और राजनीतिक गतिरोध को देखते हुए माउंटबेटन ने इस प्रक्रिया को करीब दस महीने पहले ही पूरा करने का फैसला किया। 3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना की घोषणा की गई, जिसने आधिकारिक तौर पर भारत और पाकिस्तान के रूप में दो अलग देशों के निर्माण पर मुहर लगा दी। भौगोलिक सीमाओं को तय करने का काम ब्रिटिश वकील सिरिल रेडक्लिफ को सौंपा गया, जिन्हें भारतीय भूगोल, जनसांख्यिकी या संस्कृति का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। रेडक्लिफ सीमा आयोग को पंजाब और बंगाल जैसे विशाल राज्यों को हिंदू और मुस्लिम बहुल आबादी के आधार पर विभाजित करने का ...