डायरेक्ट एक्शन डे 16 अगस्त 1947 Direct Action Day
16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग द्वारा घोषित डायरेक्ट एक्शन डे भारतीय इतिहास का एक अत्यंत काला अध्याय है, जिसका सबसे दर्दनाक और भयावह खामियाजा कोलकाता के बहुसंख्यक हिंदू समाज को भुगतना पड़ा। डायरेक्ट एक्शन डे के दौरान हिंदुओं को जिस अमानवीय और दर्दनाक स्थिति का सामना करना पड़ा, उसकी पूरी विस्तृत और क्रूर सच्चाई इस प्रकार है। 16 अगस्त 1946 की सुबह कोलकाता के हिंदुओं के लिए एक ऐसा खौफनाक मंजर लेकर आई जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही जबरन दुकानें बंद करवाना शुरू कर दिया और विरोध करने वाले हिंदू दुकानदारों पर लाठियों, छुरों और पेट्रोल बमों से हमले शुरू कर दिए। उस समय बंगाल के मुख्यमंत्री हुसैन शहीद सुहरावर्दी ने न केवल पुलिस को थानों में बंद रहने का गुप्त आदेश दिया, बल्कि लालबाजार पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम में खुद बैठकर स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय दंगाइयों को संरक्षण दिया। दोपहर में जब शहीद मीनार मैदान पर लाखों की हिंसक भीड़ जमा हुई, तो सुहरावर्दी ने मंच से खुलेआम कहा कि पुलिस और सेना उनके काम में दखल नहीं देगी। इस उकसावे के बाद हथियारों...