अभिजीत दीपके द्वारा फैलाए जा रहे झूठ


 

अभिजीत दीपके नाम के इस व्यक्ति के द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और षड्यंत्र की परतें एक-एक करके पूरी तरह खुल चुकी हैं। सबसे पहले, जिस स्कॉलरशिप लेटर को इसने अपने यूट्यूब चैनल और मोजो टीवी पर गर्व से दिखाया था, जब उस इमेज को कई एआई इमेज डिटेक्टर्स पर जांचा गया तो सभी डिटेक्टर्स ने उच्च आत्मविश्वास के साथ उसे पूरी तरह एआई जनरेटेड और फर्जी करार दिया।

इतना ही नहीं, अभिजीत अय्यर मित्रा द्वारा बोस्टन यूनिवर्सिटी की एलुमनाई लिस्ट खंगालने पर भी इसका कहीं कोई नाम दर्ज नहीं मिला।


इसकी अमेरिका में पढ़ाई और मौजूदगी के दावों में भी भारी विरोधाभास हैं। बोस्टन यूनिवर्सिटी के आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार फॉल 2024 का सत्र 3 सितंबर को शुरू होकर दिसंबर में समाप्त हुआ था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि 26 सितंबर को यह व्यक्ति मोहाली में पिज्जा ऑर्डर कर रहा था और ज़ोमैटो के कर्मचारियों से ऑनलाइन झगड़ रहा था।



अभिजीत दीपके दावा करता है कि अमेरिका जाने के इसके पिताजी ने लोन लिया था और पढ़ाई का खर्च उठाया, परंतु यदि लोन लिया है तो इतने कम समय में भारत और अमेरिका के बीच बार बार उड़ानों का भारी-भरकम किराया कौन दे रहा था।


11 महीने पहले 2025 में ही यह गोवा में रेस्टोरेंट्स के रिव्यू दे रहा था और 5 महीने पहले बोस्टन में होने के बजाय शिकागो के पास शॉमबर्ग नाम के कस्बे में भारतीय व अन्य रेस्टोरेंट्स को रिव्यू दे रहा था।


सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान भी यह लगातार खाना-पीना ठूँसने में व्यस्त था, बस इसी वजह से ही इसके गूगल रिव्यूज़ व खाने की इन्हीं गतिविधियों ने इसके फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ कर दिया।

राजनीतिक बयानों और समयरेखा में भी इसका दोहरा रवैया साफ़ दिखाई देता है। मीडिया इंटरव्यूज़ में सीजेपी प्रोटेस्ट के समय इसने दावा किया था कि इसने 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी के साथ काम किया और फिर 2023 में पार्टी छोड़ दी। सवाल यह उठता है कि यदि इसने 2023 में पार्टी छोड़ दी थी और इसे 2025 में अमेरिका के कॉलेज में होना चाहिए था, तो 2025 के दिल्ली चुनाव में यह भारत वापस आकर किसके लिए प्रचार और चुनाव प्रबंधन कर रहा था।


इन सभी अकादमिक, वित्तीय, भौगोलिक और राजनीतिक विरोधाभासों से यह स्पष्ट होता है कि जनता को गुमराह किया जा रहा है। इसीलिए सभी राष्ट्रवादी लोगों से अपील है कि वे इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बोस्टन यूनिवर्सिटी को कमेंट्स में टैग करें और इस बात का स्पष्टीकरण मांगें कि क्या अभिजीत दीपके वास्तव में उनका छात्र था और क्या इसे कोई स्कॉलरशिप मिली थी?

#कॉकरोच #Cockroach #CJP #DELHI #Politics #PoliticalDrama #PoliticalNews

Comments

Popular posts from this blog

पैगंबर मोहम्मद के जन्म से पहले भी अमरनाथ गुफा में हो रही है पूजा-अर्चना

पीएम मोदी ने अपना पूरा जीवन देश को समर्पित किया है

सरदार पटेल और नेहरू के बीच वैचारिक टकराव