इंद्रलाल रॉय प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन की ओर से लड़ने वाले भारत के पहले और एकमात्र फ्लाइंग


 

इंद्रलाल रॉय प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन की ओर से लड़ने वाले भारत के पहले और एकमात्र फ्लाइंग ऐस थे। महज़ 19 वर्ष की उम्र में उन्होंने (Indra Lal Roy)  केवल 13 दिनों में 170 घंटे की उड़ान के दौरान दुश्मन के 10 जर्मन विमानों को मार गिराया था। 22 जुलाई 1918 को फ्रांस के कार्विन के ऊपर आकाश में चार जर्मन फॉकर डी.VII विमानों के खिलाफ बहादुरी से लड़ते हुए उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और वह वीरगति को प्राप्त हो गए। उनके अदम्य साहस को मान्यता देते हुए उन्हें मरणोपरांत ब्रिटेन के तीसरे सबसे बड़े वीरता पुरस्कार डिस्टिंग्विश्ड फ्लाइंग क्रॉस से सम्मानित किया गया था और यह सम्मान पाने वाले वे पहले भारतीय बने थे। उनके बलिदान को सम्मान देने के लिए फ्रांस के एस्टेवेल्स कम्युनल कब्रिस्तान में स्थित उनकी कब्र पर बंगाली भाषा में यह पंक्तियाँ लिखी गई हैं कि महावीर का समाधि, सम्मान करो, छुओ मत।


--- लोकेश कुशवाहा 


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