1 सितंबर 1939 को पोलैंड पर जर्मन आक्रमण द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत करने वाली सबसे निर्णायक घटना
1 सितंबर 1939 को पोलैंड पर जर्मन आक्रमण द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत करने वाली सबसे निर्णायक घटना थी, जिसे सैन्य इतिहास में 'केस व्हाइट' के नाम से भी जाना जाता है। इस हमले के दौरान जर्मन सेना ने पहली बार अपनी कुख्यात 'ब्लिट्जक्रेग' यानी बिजली जैसी तेज गति से आक्रमण करने की रणनीति का इस्तेमाल किया, जिसने पोलिश रक्षा पंक्ति को झकझोर कर रख दिया। इस आक्रमण के पीछे जर्मनी और सोवियत संघ के बीच हुआ एक गुप्त समझौता था, जिसे मोलोटोव-रिबेंट्रोप पैक्ट कहा जाता है। इसी समझौते के तहत आगे चलकर 17 सितंबर 1939 को सोवियत संघ ने भी पूर्व की तरफ से पोलैंड पर हमला कर दिया और दोनों महाशक्तियों ने पूरे देश को आपस में बांट लिया। ब्रिटेन और फ्रांस ने पोलैंड की संप्रभुता की रक्षा के लिए एक सैन्य संधि की थी, जिसके कारण अपने वादे का पालन करते हुए उन्होंने 3 सितंबर को जर्मनी के खिलाफ युद्ध की आधिकारिक घोषणा कर दी और इस तरह पूरा यूरोप एक भीषण वैश्विक संघर्ष की आग में झुलस गया।
#इतिहास #पोलैंड #polland #WorldWar2 #worldwar2history #WorldWar #History #Fact

Comments
Post a Comment