सुकेश चंद्रशेखर। इंडिया का नंबर वन ठग


 

इल्ज़ाम है कि इस आदमी ने बैंकों से नहीं, सीधे लोगों से 200 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा की ठगी की। नाम है सुकेश चंद्रशेखर। इंडिया का नंबर वन ठग बनने की इसकी कहानी भी कमाल की है। किसी को भी ठगना हो तो इसका सिंपल फॉर्मूला था पहले सामने वाले की ज़िंदगी की सबसे बड़ी परेशानी ढूँढो और फिर तीन सुनहरे शब्द बोल दो: “अभी ठीक करके देता हूँ।” 🤣

कहानी शुरू होती है एक साड़ी की दुकान से। महाशय एक साड़ी ब्रांड वाले के पास पहुँचे और बोले, “भाईसाब, आपकी दुकान के अंदर मैं कैटरीना कैफ को ले आऊँगा।” बस, इतनी सी बात और भाईसाब ने 20 लाख रुपये निकाल लिए। मज़े की बात ये कि उस वक्त ये भाई सिर्फ़ 17 साल का था। हालांकि कैटरीना कैफ तो छोड़िए, मोहम्मद कैफ भी दुकान पर नहीं आया।

फिर भाई को पता चला कि उसके किसी दूर के रिश्तेदार की जमीन बेंगलुरु डेवलपमेंट अथॉरिटी के पास फँसी हुई है। भाई रिश्तेदार के पास पहुँचा और फिर वही पुराना डायलॉग “अभी ठीक करके देता हूँ।” सामने वाले ने एक करोड़ रुपये दे दिए और भाईसाब फिर गायब। 😁

लेकिन असली खेल 2016 में शुरू हुआ, जब सुकेश ब्रो ने जंगल में रहकर शेर के मुँह में हाथ डाल दिया। जयललिता जी की मृत्यु के बाद एआईएडीएमके में फूट पड़ी और विवाद शुरू हुआ कि पार्टी का ओरिजिनल चुनाव चिह्न आखिर किसके पास रहेगा। यही खबर हमारे ब्रो के कानों तक पहुँची और ब्रो पहुँच गए टी.टी.वी. दिनाकरन के पास।

वहाँ भी वही तीन सुनहरे शब्द “अभी ठीक करके देता हूँ।” ब्रो ने दावा किया कि इलेक्शन कमीशन में उनकी जान-पहचान है और सिर्फ़ 50 करोड़ रुपये लगेंगे, चुनाव चिह्न आपके हाथ में होगा। दिनाकरन जी ने पैसे दे दिए। लेकिन आगे क्या हुआ, वो अलग कहानी है।

फिर आया 2017 और जेल के अंदर बैठकर ब्रो ने ऐसा कारनामा किया कि बाहर बैठे लोग भी सोचने लगे होंगे “भाई, ये कर क्या रहा है?” आरोप है कि जेल में रहते हुए इसने एक पुलिसकर्मी को रिश्वत दी, उसका मोबाइल फोन लिया और फिर उसी जज को फोन कर दिया जो इसके केस का फैसला सुनाने वाला था। फोन पर खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताते हुए जज को धमकी दी कि सुकेश को जल्द से जल्द रिहा करो, वरना नौकरी चली जाएगी।

मतलब जेल में बैठा आदमी खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर सिटिंग जज को ही धमका रहा था। अब सोचिए, अगर यही टैलेंट जेल के बाहर इस्तेमाल होता तो क्या होता!

इसके बाद जेल के अंदर ही भाई को पता चला कि फोर्टिस के प्रमोटर्स शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह फ्रॉड के मामले में करीब 740 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपों के चलते जेल में हैं। ब्रो ने सोचा होगा। जब इन्होंने दुनिया से 740 करोड़ रुपये का खेल किया है, तो क्यों न मैं भी इनसे दो-ढाई सौ करोड़ का खेल कर लूँ?

इसके बाद 2020 में शिविंदर सिंह की पत्नी को फोन किया गया। कहानी ऐसी बनाई गई कि देश कोविड से जूझ रहा है, सरकार चाहती है कि आपके पति जेल से बाहर आएँ, दवाइयाँ बनाएँ और देश को बचाने में मदद करें। लेकिन इसके लिए दो-ढाई सौ करोड़ रुपये चाहिए। पैसे दीजिए, फिर हम मिलकर आपके पति और उनके भाई को जेल से बाहर निकलवा देंगे। जांच एजेंसियों के अनुसार इसने लगभग ₹217 करोड़ की रकम वसूली थी।

और ब्रो की उपलब्धियों की लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिज के साथ भी उनका नाम जुड़ा। आरोपों और जांच में सामने आए दावों के मुताबिक, जैकलीन को महंगे गिफ्ट्स, बड़े-बड़े बैग, गाड़ियाँ, घोड़े, प्राइवेट जेट और यहाँ तक कि करीब 52 करोड़ रुपये का घोड़ा देने की बात भी सामने आई।

लोग कहते हैं, “प्यार में घोड़े खोल दूँगा।” ब्रो ने तो सच में घोड़े ही खोल दिए! इन सब चीजों से साफ है कि वह तो जैकलिन फर्नांडिस को गर्लफ्रेंड मानता है लेकिन जैकलिन का पता नहीं।

कुल मिलाकर, ब्रो के पास दिमाग तो अल्ट्रा प्रो मैक्स लेवल का था। बस समस्या इतनी थी कि उस दिमाग का इस्तेमाल सही जगह नहीं हुआ। अगर यही टैलेंट सही दिशा में लगाया होता तो पता नहीं कहाँ से कहाँ पहुँच जाता। लेकिन फिर ना किसी ईमानदार आदमी के 200-250 करोड़ रुपये जाते और ना ही जैकलीन फर्नांडिज जैसी गर्लफ्रेंड वाली कहानी बनती।


-- लोकेश कुशवाहा

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